Aharbinger's Weblog

Just another WordPress.com weblog

…अहले दुनिया होएगा

Posted by Isht Deo Sankrityaayan on August 14, 2007

सबका होना या न होना यह जरूरी है नहीं
मेरे होने की इयत्ता अहले दुनिया होएगा
आसमान भी होएगा सागर, जमीं भी होएगी
हम अभी से क्यों बताएं, और क्या-क्या होएगा
होंगी सब रंगीनियाँ, जन्नत-जहन्नुम होएँगे
आने-जाने के लिए वां साजो-सामां होएगा
तुम रहोगे, हम रहेंगे, फिर वही दुनिया हुई
फिर वही साकी रहेगी और पैमां होएगा
हो गए दुनिया से रुखसत जो सिकंदर लोग थे
संग उनके ऐ जमाने अपना अफसां होएगा
रतन

Advertisements

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s

 
%d bloggers like this: