Aharbinger's Weblog

Just another WordPress.com weblog

1857 के शहीदों का सरकार ने अपमान होने दिया

Posted by Isht Deo Sankrityaayan on September 29, 2007


क्या हम ये सब भुला देंगे
-दिलीप मंडल

वो आए हैं 1857 की जंग लड़ने वाले अंग्रेज बहादुरों की जीत का जश्न मनाने। वो आए। मेरठ, दिल्ली, लखनऊ गए। गदर में अंग्रेजों ने जो जुल्म ढाए थे, उसका उन्हें कोई अफसोस न था। मेरठ में वो पत्थर पर बना प्रतीक चिह्न लगाना चाहते थे जिस पर लिखा था- 60वी किंग्स रॉयल राइफल कोर की पहली बटालियन ने 10 मई और 20 सितंबर 1857 के दौरान जो साहसिक और अभूतपूर्व साहस दिखाया, उसके नाम।

1857 के दौरान लखनऊ में कहर ढाने वाले कुख्यात सर हेनरी हेवलॉक का एक वंशज भी उस टोली में है, जो गदर के समय अंग्रेजों की बहादुरी को याद करने भारत आयी है। उसके मुताबिक- अंग्रेजी राज भारत के लिए अच्छा था, और भारत में लोकतंत्र इसलिए चल रहा है क्योंकि यहां अंग्रेजी राज रहा।
क्या आपको ये सुनकर कुछ याद आ रहा है। हमारे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने ब्रिटेन यात्रा के दौरान ठीक यही बात तो कही थी।
ऐसे में इस बात पर आश्चर्य नही होना चाहिए, कि 1857 के दौरान अंग्रेजों की बहादुरी का जश्न मनाने के लिए भारत आने वालों को सरकार वीसा देती है और उन्हें लोगो के गुस्से से बचाने के लिए उन्हें सुरक्षा दी जाती है।
वैसे मेरठ से खबर है कि ये अंग्रेज जिस चर्च में अपना स्मृति चिह्न लगाना चाहते थे, वहां के पादरी ने इसकी इजाजत नही दी।
Advertisements

One Response to “1857 के शहीदों का सरकार ने अपमान होने दिया”

  1. इससे बड़ा दुर्भाग्य और क्या हो सकता है कि आजादी मिलते ही हमारे देश की सत्ता अंग्रेजों के ही मानसपुत्रों के ही हाथ में चली गई! फिर उनसे और उम्मीद ही क्या की जा सकती है?

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s

 
%d bloggers like this: