Aharbinger's Weblog

Just another WordPress.com weblog

गोली मारो पोस्टर….झकझोरो मुझे…

Posted by Isht Deo Sankrityaayan on November 24, 2008

लोगों के चेहरे और घटनायें आपस मे गुंथकर तेजी से बदलते हैं, बिना किसी लयताल के।….यह तो मेरी छोटी सी बेटी है…यह मर रही है, लेकिन क्यों ..नहीं नहीं…मैं इसे मरने नहीं दूंगा..अरे यह तो मरी हुई है…इसका तो शरीर ही नहीं है…यह तो छाया है ।
वह क्या है, धूल भरी आंधी…यह तो वही महिला है, जिसके पति को एक पागल भीड़ ने मार दिया था…क्या हुआ था…ओह, अपने काम से लौट रहा था…कितनी निदयता से मारा था लोगों ने.
…रथ दौड़ा था-कसम राम की खाते है, हम मंदिर वहीं बनाएंगे…रथ के बाद खून की लहर…यह क्या बाबरी ढांचा एक बार फिर ढहढहा कर गिर रहा है…साथ में आरक्षण की हवा…भूरा बाल साफ करो…100 में शोषित नब्बे है, नब्बे भाग हमारा है…जो हमसे टकराएगा चूर-चूर हो जाएगा…
…मैं सपना देख रहा हूं…हां, हां, मैं सपना देख रहा हूं…मुझे उठना चाहिए…कमबख्त नींद भी तो नलीं टूट रही है…लेकिन है यह सपना ही…तू कौन है?
तू मुझे नहीं पहचानता…मैं इंदल हूं…तेरा बचपन का दोस्त…और मेरे साथ अजुन है…
लेकिन तूम दोनों तो मर गये थे ?
…हां…मर गया था…मुझे अपनी बेटी की शादी करनी थी…सारा खेत बेच डाला…फिर भी पैसों का जुगाड़ हुआ नहीं हुआ…मरता नहीं तो क्या करता, सल्फास की गोलियां खा ली थी..पेट में बहुत मरोड़ उठ रहे थे, जीने के लिए तरस रहा था, लेकिन सांस टूट गई
…और अजुन तुम…?
अपनी आंखों के सामने अपनी बेटी और बीवी को भूख से मरते कैसे देखता…खेत-खलिहान और जानवर, सभी कुछ तो गिरवी रख दिये…दिल्ली गया, पंजाब गया …हाड़तोड़ कर कमाने की कोशिश की…इसी चक्कर में शरीर भी जाता रहा…एक दिन शरीर पर किरासन का तेल उलझकर आग लगा ली….
…अब मेरे पास क्यों आये हो….?
यह बताने की गिद्दों की टोली आसमान में मडरा रही है….गिद्ध अपने बेटे और बेटियों की शादी रचाने की तैयारी में है….उन्हें पूरा यकीन है कि महाभोज का अवसर आ गया है….सियारों और कुत्तों के बीच यही चरचा है…धरती पर गिरने वाले इन्सानी खूनों का गंध उनके नथूनों से टकरा रहे हैं….
….हाय हाय,हाय हाय …गईया बछड़वा हाय-हाय…
धूं-धूकर जलाता हुआ ऑफिस…हवाओं में सनसनाती हुई गोलियां…धांय, धांय…लोगों की खोपडि़यां उनके कंधे से निकलकर सड़कों पर गिर रहीं हैं…एक जनकवि चौराहे पर खड़ा होकर लोगों के बीच जोर-जोर अपनी कविता पढ़ रहा है…गोली मारो पोस्टर।
हाथों में डंडे लहराते हुये सड़कों पर ठप-ठप कर दौड़ती हुई भारी-भरकम बूटें…
…इंकलाब जिंदाबाद, जिंदाबाद जिंदाबाद…
चौकड़ी…ठेलम ठेल…रैली पर रैला…
…सत्ता में आने के बाद आपका पहला कदम क्या होगा…?
शरमाई सी, सकुचाई सी कठपुतली..लगाम किसी और के हाथ में…
…संपूण क्रांति गईल तेल लेवे…पहीले हमर मेहरारू के सत्ता में आवे दे…
…पक्की बात है सरकार…न खाता न बही, रउआ जे कहब वही सही…रउआ लम्हर नेता बानी…
भाड़ों के नाच गान में डूबा हुआ पूरा तंत्र…खैनी ठोकने वाहे अधिकारियों की फौज…और उनमें हुजूर का खैनी ठोकने के लिए लगा होड़…महिला अधिकारी की आवाज…भौजी चिंता ना करी, हम बानी ना।
जोड़तोड़, खेल पे खेल..कूदाफानी…हई पाटी से खीचों, हउ पाटी से खीचों…जयश्री राम, जयश्रीराम।
रोको इन्हें, फासीवादी है…गठबंधन करो, तालमेल करो, लेकिन रोको इन्हें…
…गठबंधन करो, तालमेल करो, लेकिन सत्ता में आयो……
हूजर, तीनों मुद्दा आड़े आ रहे हैं…लोग तैयार नहीं हो रहे…..
…हटाओ मुद्दे को कन्वेनर बनायो..कन्वे करेगा…सत्ता जरूरी है वाद नहीं…वाद सत्ता में आने का माध्यम है…
…लो बन गई सरकार…अब मंत्री बनाओ संतुलन बैठाओ…
…हूले ले…हूले ले….हूले ले…निकल गया पांच साल…
…लोग जवाब मांग रहे हैं…
…फील गुड कराओ…
अमेरिका में इटली का माफिया डॉन कॉरलियोन…..गॉडफादर…लाइफ इज अलवेज ब्यूटीफूल।…
नहीं, नहीं…मैं सपने देख रहा हूं…कोई मुझे जगाओ…झकझोरो मुझे…।
Advertisements

One Response to “गोली मारो पोस्टर….झकझोरो मुझे…”

  1. एक सच आप ने लिख दिया.बहुत सुंदर लगा.धन्यवाद

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s

 
%d bloggers like this: