Aharbinger's Weblog

Just another WordPress.com weblog

जिंदगी पा गया

Posted by Isht Deo Sankrityaayan on March 24, 2010

रतन

तुझे पाके मैं हर खुशी पा गया
ज्यों सौ साल की जिंदगी पा गया

बहारों के सपने भी आने लगे
खिजां दूर पलकों से जाने लगे
तू है साथ हर सादगी पा गया
ज्यों सौ साल की जिंदगी पा गया

हुए साथ भंवरे भी गाने लगे
थे वीराने जो मुस्कुराने लगे
था सूना जो दिल आशिकी पा गया
ज्यों सौ साल की जिंदगी पा गया

हुए साथ तुम आई रानाइयां
अब बजने लगीं देखो शहनाइयां
जो तुम आए तो रोशनी पा गया
ज्यों सौ साल की जिंदगी पा गया

जमीं आसमां देखो मिलने लगे
मोहब्बत के जब फूल खिलने लगे
था मुरझाया गुलशन कली पा गया
ज्यों सौ साल की जिंदगी पा गया

Advertisements

3 Responses to “जिंदगी पा गया”

  1. तुझे पाके मैं हर खुशी पा गयाज्यों सौ साल की जिंदगी पा गया…वाह ,पूरी रचना खूबसूरत.

  2. वाह…वाह…वाह… बहुत ही सुन्दर मनमोहक गीत…वाह !!!

  3. ratan ji ,is pyaare se sachche geet ke liye badhaii

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s

 
%d bloggers like this: